श्री गुरु रविदास महाराज के 650वें प्रकाश पर्व के अवसर पर पंजाब सरकार ने उनके जीवन, दर्शन और सामाजिक संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए राज्यव्यापी विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत पूरे पंजाब में 50 प्रचार वैन चलाई जाएंगी, जिनमें गुरु रविदास महाराज के जीवन, संघर्ष, शिक्षाओं और समाज सुधार से जुड़े कार्यों पर आधारित विशेष डॉक्यूमेंट्री दिखाई जाएगी। अभियान का उद्देश्य लोगों, विशेष रूप से युवाओं को उनके आदर्शों से जोड़ना और सामाजिक समरसता का संदेश फैलाना है।
इस अभियान की शुरुआत मंगलवार को अमृतसर से हुई। लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने डिप्टी कमिश्नर कार्यालय परिसर से प्रचार वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज में समानता, भाईचारे और मानवता के मूल्यों को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और गुरु रविदास महाराज की शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं। मंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा तैयार की गई यह डॉक्यूमेंट्री पंजाब के गांवों, कस्बों और शहरों में दिखाई जाएगी। प्रत्येक स्थान पर करीब 30 मिनट की फिल्म के माध्यम से गुरु रविदास महाराज के जीवन, उनके संघर्ष और समाज को दिए गए संदेश को लोगों तक पहुंचाया जाएगा। इससे नई पीढ़ी को उनके विचारों को समझने और अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने बताया कि 650वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में पूरे प्रदेश में लगभग साढ़े छह लाख पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही अमृतसर में मैराथन, साइकिल रैली, ड्रोन शो और कई सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग इस ऐतिहासिक अवसर से जुड़ सकें।
मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने जानकारी दी कि हाल ही में अमृतसर में विशाल कीर्तन दरबार का सफल आयोजन किया गया था। आने वाले दिनों में जम्मू से एक भव्य नगर कीर्तन निकाला जाएगा, जो अमृतसर से होकर आगे विभिन्न स्थानों तक जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। अभियान के पहले दिन अमृतसर, बाबा बकाला साहिब और अजनाला सहित कई इलाकों में प्रचार वैन पहुंचीं और लोगों को डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई। सरकार का लक्ष्य है कि यह अभियान प्रदेश के हर जिले, कस्बे और गांव तक पहुंचे, ताकि गुरु रविदास महाराज के समानता, भाईचारे, मानवता और सामाजिक न्याय के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके।