यूपी के अलीगढ़ में एक बिजली कर्मचारी को गन प्वाइंट पर उठाकर किडनैपर्स लगातार घूमते और फिरौती मांगते रह गए, इधर पुलिस ने अपना काम कर दिया। शहर के गोरई चौराहे से रविवार को दिनदहाड़े इनोवा कार सवार बदमाशों ने एक बिजली कर्मचारी का अपहरण कर लिया था। किडनैपर्स ने परिजनों को फोन करके सात लाख रुपये की फिरौती मांगी। धीरे-धीरे तीन लाख रुपये पर आ गए। इस बीच पुलिस इनके पीछे लगी हुई थी। सोमवार देर रात पुलिस ने बिजली कर्मचारी को मुक्त कराते हुए छह आरोपियों को इनोवा कार समेत दबोच लिया। इनमें सरगना बांदा, जबकि अन्य पांच लोग इटावा के रहने वाले हैं।
गांव मांकरौल निवासी रामबाबू बिजली विभाग में संविदा कर्मचारी हैं। रविवार दोपहर दो बजे वह बेटे के साथ बाइक से ड्यूटी के लिए निकले थे। बेटा उनको गोरई चौराहा पर छोड़कर वापस चला गया। इसी बीच एक इनोवा कार में आए बदमाशों ने तमंचे के बल पर रामबाबू का अपहरण कर लिया और गाड़ी में बिठाकर ले गए। कुछ देर बाद आरोपियों ने रामबाबू के परिजनों को फोन किया और उनको छोड़ने के लिए फिरौती के रूप में सात लाख रुपये की मांगे।
परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस आरोपियों के फोन नंबर की लोकेशन के आधार पर उन्हें ट्रेस करने में जुट गई। इटावा में लोकेशन मिलने पर पुलिस ने वहां दबिश दी। लेकिन, इससे पहले ही आरोपी वहां से फरार हो गए। वे रामबाबू को गाड़ी में लेकर इटावा, मैनपुरी, आगरा और मध्य प्रदेश के बॉर्डर वाले इलाकों में घूमते रहे।
उधर, परिजनों से लगातार रुपये मांगते रहे। धीरे-धीरे उन्होंने रकम घटाकर पांच लाख, फिर चार और अंत में तीन लाख कर दी। सोमवार देररात आरोपी रामबाबू को लेकर मथुरा की तरफ जा रहे थे। तभी पुलिस ने गोरई क्षेत्र में बरेली-मथुरा हाईवे से इन्हें दबोच लिया। सीओ इगलास महेश कुमार ने बताया कि छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें सरगना बांदा निवासी आशीष मणि के अलावा इटावा निवासी अंकित, शिवम, इमरान, शैलेंद्र, जयवीर सिंह शामिल हैं। इनके पास से एक तमंचा, दो कारतूस बरामद हुए हैं। एक आरोपी मौके से फरार हो गया।