देहरादून/हल्द्वानी:- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हल्द्वानी दौरे के दौरान जनसभा स्थल के कथित शुद्धिकरण को लेकर उत्तराखंड की सियासत में विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भाजपा पर दलितों के अपमान और छुआछूत को बढ़ावा देने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए 7 सितंबर को प्रदेशभर में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
शुद्धिकरण विवाद पर गरमाई उत्तराखंड की राजनीति
मामला सामने आने के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रेसवार्ता के दौरान हल्द्वानी की घटना को दलित सम्मान और छुआछूत से जोड़ते हुए भाजपा पर निशाना साधा था। राहुल गांधी के आरोपों के बाद अब भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने कांग्रेस पर पूरे मामले को लेकर झूठ फैलाने का आरोप लगाया है।
BJP बोली- कांग्रेस फैला रही झूठ
भाजपा प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस नेता मोहब्बत की नहीं बल्कि झूठ की दुकान लेकर चलते हैं। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी के ट्विटर अकाउंट पर किए गए फैक्ट चेक में आधे से अधिक तथ्य गलत पाए गए हैं। दीप्ति रावत ने कहा कि इस मामले को लेकर कांग्रेस जिस तरह से प्रचार कर रही है, उससे उसका राजनीतिक एजेंडा सामने आ रहा है। भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए पार्टी पर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया है।
7 सितंबर को जिला मुख्यालयों पर धरना देगी BJP
भाजपा ने अब इस मुद्दे को लेकर प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का फैसला किया है। पार्टी प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत के मुताबिक, 7 सितंबर को भाजपा अनुसूचित मोर्चा समेत सभी मोर्चों के कार्यकर्ता प्रत्येक जिला मुख्यालय पर कांग्रेस के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करेंगे। भाजपा का कहना है कि प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया जाएगा। पार्टी ने इसे सामाजिक समरसता और सौहार्द के संदेश से जोड़ते हुए प्रदर्शन करने की बात कही है।
BJP ने कांग्रेस पर लगाया तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप
दीप्ति रावत ने कांग्रेस पर सनातन को बांटने और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रस्तावित प्रदर्शन किसी वर्ग के खिलाफ नहीं बल्कि समरसता और सामाजिक सौहार्द के संदेश के साथ किया जाएगा। हल्द्वानी के कथित शुद्धिकरण मामले को लेकर अब दोनों प्रमुख राजनीतिक दल आमने-सामने हैं। ऐसे में 7 सितंबर को होने वाले भाजपा के प्रदर्शन के बाद इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।