सुनाम के कस्बा लौंगोवाल पहुंचे आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा को शनिवार को किसानों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। भारतीय किसान यूनियन एकता आजाद के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान मंत्री से सवाल-जवाब करने के लिए मौके पर पहुंचे थे। किसानों ने अमन अरोड़ा के कार्यक्रम के दौरान रोष प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यूनियन का कहना है कि किसान मंत्री से खेती और किसानों से जुड़े मुद्दों पर जवाब मांगना चाहते थे। किसान यूनियन ने दावा किया कि किसानों के विरोध को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। संगठन के मुताबिक, पुलिस की मौजूदगी के बीच अमन अरोड़ा ने अपने निर्धारित कार्यक्रम पूरे किए।
प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने पंजाब सरकार की नीतियों और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल उठाए। यूनियन के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष जसविंदर लौंगोवाल और जसवीर मेदेवास ने सरकार पर किसानों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। किसान नेताओं ने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता जब जनता के बीच पहुंच रहे हैं तो उन्हें लोगों के सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के विरोध को देखते हुए पूरे इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात करना इस बात को दर्शाता है कि सरकार किसानों के सवालों का सामना करने से बच रही है।
यूनियन नेताओं ने शंभू और खनौरी बॉर्डर के किसान आंदोलनों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मोर्चों से करीब 3 करोड़ 77 लाख रुपये का सामान चोरी हुआ था। किसान नेताओं ने इस मामले को लेकर सरकार और आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोला। किसान नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के मंत्री और मुख्यमंत्री जहां भी चुनाव प्रचार या पार्टी के कार्यक्रमों के लिए जाएंगे, वहां किसान उनसे सवाल-जवाब करेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों के मुद्दों को लेकर उनका विरोध गांव-गांव और गली-गली जारी रहेगा। फिलहाल, लौंगोवाल में अमन अरोड़ा के कार्यक्रम के दौरान किसानों के प्रदर्शन से एक बार फिर पंजाब में किसान संगठनों और सरकार के बीच टकराव की स्थिति सामने आई है। किसान यूनियन ने अपने विरोध को आगे भी जारी रखने का संकेत दिया है।