मसूरी: लगातार हो रही बारिश के बीच पहाड़ों की रानी मसूरी में भूस्खलन का खतरा बढ़ता जा रहा है। गुरुवार सुबह एसडीएम कार्यालय परिसर स्थित सरकारी कर्मचारी आवासों के ऊपर की पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक दरक गया। इस दौरान एक विशाल बोल्डर सीधे एक सरकारी आवास में जा घुसा। राहत की बात यह रही कि जिस कमरे में चट्टान गिरी, उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। बोल्डर गिरने की घटना के बाद परिसर में रहने वाले कर्मचारी और उनके परिवार भयभीत हो गए। स्थानीय कर्मचारियों का कहना है कि पिछले कुछ समय से पहाड़ी लगातार कमजोर हो रही है और आए दिन पत्थर गिरने की घटनाएं हो रही हैं। ऐसे में यहां रहना अब पूरी तरह जोखिम भरा हो गया है।
एसडीएम कार्यालय परिसर में रहने वाले पांच कर्मचारी परिवारों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरण की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द वैकल्पिक आवास उपलब्ध नहीं कराया गया तो परिवार की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें अन्य विकल्प अपनाने पड़ेंगे। कुछ कर्मचारियों ने यहां तक कहा कि परिवार की सुरक्षा उनके लिए नौकरी से भी अधिक महत्वपूर्ण है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक सरकारी आवासों के ऊपर जल संस्थान का बड़ा पानी का टैंक स्थित है, जिसमें लाखों लीटर पानी संग्रहित रहता है। लोगों को आशंका है कि यदि भूस्खलन की वजह से टैंक प्रभावित हुआ तो बड़ा नुकसान हो सकता है। इसके साथ ही क्षेत्रवासियों ने पहाड़ी के ऊपरी हिस्से में चल रहे निर्माण कार्य पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि लगातार हो रही खुदाई से पहाड़ी की स्थिरता प्रभावित हुई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम राहुल आनंद मौके पर पहुंचे और प्रभावित कर्मचारियों से बातचीत की। उन्होंने स्थिति का निरीक्षण कर प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। साथ ही क्षेत्र की निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा के जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए। नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष मीरा सकलानी भी घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित कर्मचारियों और उनके परिवारों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
मीरा सकलानी ने कहा कि यह क्षेत्र अब बेहद संवेदनशील हो चुका है। उन्होंने कहा कि विडंबना यह है कि जो प्रशासनिक कर्मचारी हर आपदा में लोगों की मदद करते हैं, आज वही खुद आपदा के खतरे में जीवन बिताने को मजबूर हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। लगातार हो रही बारिश के कारण मसूरी और आसपास के इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों ने भी संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने और पहाड़ी की तकनीकी जांच कराने की तैयारी में जुट गया है।