हरियाणा सरकार ने पेट्रोल पंप स्थापित करने की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने पेट्रोल पंप के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने की सेवा को निर्धारित समय-सीमा के दायरे में शामिल कर दिया है। अब संबंधित विभाग को आवेदन मिलने के बाद अधिकतम 45 दिनों के भीतर एनओसी जारी करनी होगी, जिससे लंबे समय से लंबित रहने वाले मामलों में तेजी आने की उम्मीद है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार इस सेवा को हरियाणा सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत अधिसूचित किया गया है। इसके साथ ही प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी तय कर दी गई हैं, ताकि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो।
नई व्यवस्था के तहत संबंधित क्षेत्र के सिटी मजिस्ट्रेट को नामित अधिकारी बनाया गया है, जो एनओसी आवेदन पर निर्णय लेने के लिए जिम्मेदार होंगे। यदि किसी आवेदक को निर्धारित समय में सेवा नहीं मिलती या वह निर्णय से असंतुष्ट होता है, तो वह संबंधित जिले के उपायुक्त के समक्ष प्रथम अपील कर सकेगा। इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर संबंधित मंडल के मंडल आयुक्त के पास द्वितीय अपील का अधिकार रहेगा। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से पेट्रोल पंप के लिए एनओसी जारी करने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी। तय समय-सीमा लागू होने से निवेशकों और कारोबारियों को राहत मिलेगी तथा नए पेट्रोल पंप स्थापित करने की प्रक्रिया में अनावश्यक प्रशासनिक देरी कम होगी। यह निर्णय राज्य में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समयबद्ध सेवा मिलने से आवेदकों का समय और संसाधन दोनों बचेंगे, जबकि विभागीय कार्यप्रणाली में भी पारदर्शिता और दक्षता बढ़ने की उम्मीद है।