प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने आधिकारिक आवास पर भाजपा के नए चुने गए राज्यसभा सांसदों और हाल ही में पार्टी में शामिल हुए नेताओं के साथ नाश्ते पर एक विशेष बैठक की। करीब 37 सांसदों की मौजूदगी में हुई इस बैठक का उद्देश्य नए सांसदों को संसदीय कार्य, जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारियों और संगठनात्मक कार्यशैली को लेकर मार्गदर्शन देना था। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने अपने सार्वजनिक जीवन के अनुभव साझा किए और सांसदों को प्रभावी जनसेवा के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में हाल ही में भाजपा में शामिल हुए विभिन्न दलों के राज्यसभा सांसद भी मौजूद रहे। आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले कुछ नेता भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके अलावा भाजपा के वरिष्ठ नेता तरुण चुघ, विनोद तावड़े और पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन सहित कई प्रमुख नेता भी बैठक का हिस्सा बने। राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने बैठक के बाद कहा कि प्रधानमंत्री के साथ यह मुलाकात बेहद प्रेरणादायक रही। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने अपने कई दशकों के राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए सांसदों को संसद की कार्यवाही को गंभीरता से लेने और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है और प्रत्येक सांसद का दायित्व है कि उसकी कार्यवाही सुचारु रूप से चले।
प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों को सलाह दी कि वे प्रतिदिन कम से कम एक से दो घंटे संसद की लाइब्रेरी में अध्ययन करें। उनका कहना था कि एक जनप्रतिनिधि के लिए लगातार सीखना और विषयों की गहरी समझ विकसित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने सांसदों को अपने-अपने क्षेत्रों में सांसद खेल योजना को सक्रिय रूप से लागू करने और खेलों के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए भी प्रेरित किया। बैठक के दौरान युवाओं से जुड़ने का विषय भी प्रमुखता से उठा। भाजपा के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने बताया कि जब उन्होंने प्रधानमंत्री से पूछा कि युवाओं का विश्वास कैसे जीता जाए, तो प्रधानमंत्री ने जवाब दिया कि सबसे पहले उनकी बात ध्यान से सुनिए, उन्हें समझिए और फिर विनम्रता के साथ संवाद कीजिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार और सकारात्मक संवाद ही मजबूत रिश्ते की नींव है। भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने भी बैठक को बेहद उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हर सांसद की बात ध्यानपूर्वक सुनी और व्यक्तिगत, सामाजिक तथा राजनीतिक विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। इससे नए सांसदों को संसदीय जिम्मेदारियों और जनता के बीच प्रभावी भूमिका निभाने की दिशा में नई सीख मिली। यह बैठक संसद के मानसून सत्र के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा भाजपा सांसदों के अलग-अलग समूहों के साथ की जा रही नियमित बैठकों का हिस्सा थी। इन बैठकों के माध्यम से प्रधानमंत्री सांसदों से सीधे संवाद करते हैं, उनके अनुभव सुनते हैं और संगठन व सरकार की प्राथमिकताओं से उन्हें अवगत कराते हैं। यह बैठक ऐसे समय हुई जब संसद के भीतर विपक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार हमला बोल रहा है। विपक्ष केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सदन में मौजूदगी की मांग करते हुए प्रदर्शन कर रहा है। लगातार हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही भी बुधवार को दोपहर तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। ऐसे राजनीतिक माहौल के बीच प्रधानमंत्री की यह बैठक भाजपा सांसदों के लिए मार्गदर्शन और संगठनात्मक संवाद का महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है।