मसूरी:- नगर पालिका परिषद मसूरी की बोर्ड बैठक मंगलवार को शुरुआत से ही विवादों में घिर गई। बैठक शुरू होते ही सभासद सचिन गुहेर ने अपने खिलाफ लगाए जा रहे पैसों के लेनदेन संबंधी आरोपों पर नाराजगी जताई और सदन के बीच धरने पर बैठ गए। उनके धरने पर बैठते ही बोर्ड बैठक में हंगामा शुरू हो गया और कुछ समय के लिए कार्यवाही बाधित रही।
कई सभासदों ने सचिन गुहेर का किया समर्थन
सचिन गुहेर के समर्थन में सभासद पवन थलवाल, विशाल खरोला, अमित भट्ट, गौरी थपलियाल, रुचिता गुप्ता, बबीता मल्ल और शिवानी भारती भी धरने पर बैठ गए। सभासदों ने लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। सभासदों का कहना था कि आरोपों से जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। इस दौरान सदन में काफी देर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
पर्यटन प्रभारी को लेकर भी आमने-सामने आए सभासद
बोर्ड बैठक के दौरान पर्यटन प्रभारी सीपी बडोनी को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया। कुछ सभासदों ने उनसे नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा देने की मांग की। इस मुद्दे पर सदन में तीखी बहस और नोकझोंक हुई। लगातार बढ़ते विवाद के बीच पर्यटन प्रभारी सीपी बडोनी ने इस्तीफा देने की पेशकश कर दी। इसके बाद सदन का माहौल कुछ शांत हुआ।
सहमति के बाद दोबारा शुरू हुई बैठक
हंगामे और धरने के कारण कुछ समय तक बोर्ड की कार्यवाही प्रभावित रही। बाद में सभासदों के बीच सहमति बनने के बाद बैठक की कार्यवाही फिर से शुरू कर दी गई। हालांकि, बैठक की शुरुआत में सामने आए विवाद ने नगर पालिका के भीतर चल रहे मतभेदों को एक बार फिर उजागर कर दिया। पैसों के लेनदेन से जुड़े आरोपों, सभासदों के विरोध और पर्यटन प्रभारी के इस्तीफे की पेशकश को लेकर पूरे दिन मसूरी के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा होती रही।