भुच्चो मंडी में 2027 की चुनावी सरगर्मियां तेज
पंजाब की आरक्षित भुच्चो मंडी विधानसभा सीट पर 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। चुनाव अभी दूर है, लेकिन अलग-अलग दलों ने क्षेत्र में अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। स्थानीय स्तर पर नशा, लूटपाट, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और विकास जैसे मुद्दों की चर्चा बढ़ रही है। भुच्चो मंडी विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और यह बठिंडा जिले की महत्वपूर्ण सीटों में शामिल है। 2022 के चुनाव में आम आदमी पार्टी के मास्टर जगसीर सिंह ने यहां 85,778 वोट हासिल कर 50,212 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। शिरोमणि अकाली दल के दर्शन सिंह कोटफत्ता 35,566 वोट के साथ दूसरे और कांग्रेस के प्रीतम सिंह कोटभाई 20,681 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे।
अकाली दल ने बदला अपना प्रत्याशी
भुच्चो मंडी में शिरोमणि अकाली दल ने अपने पुराने उम्मीदवार दर्शन सिंह कोटफत्ता की जगह डॉक्टर दलजीत सिंह को मैदान में उतारने की घोषणा की है। दूसरी ओर कांग्रेस समेत अन्य दलों की ओर से भी क्षेत्र में उपयुक्त उम्मीदवार की तलाश की जा रही है।
प्रकाश सिंह बादल से जुड़ा है भुच्चो मंडी का रिश्ता
भुच्चो मंडी विधानसभा क्षेत्र का राजनीतिक इतिहास शिरोमणि अकाली दल के प्रभाव से भी जुड़ा रहा है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का ससुराल इस हलके के चक्क फतह सिंह वाला गांव में बताया जाता है। इसी वजह से लंबे समय तक अकाली दल की यहां मजबूत राजनीतिक पकड़ रही। हालांकि पिछले चुनावों में क्षेत्र का राजनीतिक समीकरण बदला है। 2022 में आम आदमी पार्टी के मास्टर जगसीर सिंह ने बड़ी जीत दर्ज की और कांग्रेस तीसरे स्थान पर चली गई।
भुच्चो मंडी का चुनावी इतिहास
भुच्चो मंडी क्षेत्र पहले नथाना विधानसभा का हिस्सा था। 2002 में नथाना सीट से शिरोमणि अकाली दल के गुरा सिंह ने जीत हासिल की थी। 2007 में कांग्रेस के अजायब सिंह भट्टी ने सीट पर कब्जा किया। 2012 में भुच्चो मंडी को अलग विधानसभा क्षेत्र बनाया गया। इसके बाद भी अजायब सिंह भट्टी ने जीत दर्ज की। 2017 में कांग्रेस के प्रीतम सिंह कोटभाई ने सीट अपने नाम की। 2022 में आम आदमी पार्टी के जगसीर सिंह ने कांग्रेस के लगातार जीत के सिलसिले को रोकते हुए सीट पर जीत हासिल की। 2022 के आधिकारिक चुनाव आंकड़ों के अनुसार, इस सीट पर AAP को 57.29 प्रतिशत वोट मिले थे।
स्थानीय लोगों के बीच किन मुद्दों की चर्चा?
हलके के स्थानीय लोगों के अनुसार, नशा, कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार इस समय प्रमुख चिंता के विषय हैं। छात्रों, किसानों और व्यापारियों के बीच इन मुद्दों को लेकर चर्चा हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि 2022 में बदलाव की उम्मीद के साथ आम आदमी पार्टी को समर्थन मिला था, लेकिन उनके मुताबिक सरकार बनने के बाद अपेक्षित बदलाव देखने को नहीं मिला। वे क्षेत्र में नशे की उपलब्धता, लूटपाट की घटनाओं और रोजगार के अवसरों से जुड़े सवाल उठा रहे हैं।
SAD ने AAP पर लगाए आरोप
शिरोमणि अकाली दल के प्रत्याशी डॉक्टर दलजीत सिंह ने आम आदमी पार्टी पर चुनाव से पहले लोगों को बदलाव का भरोसा देने और सत्ता में आने के बाद उस पर खरा नहीं उतरने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि क्षेत्र में भ्रष्टाचार और अन्य समस्याएं अभी भी मौजूद हैं।
कांग्रेस ने भी मुद्दों पर घेरने की तैयारी की
कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह कोटभाई ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी आम आदमी पार्टी को नशा, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और पानी की निकासी जैसे मुद्दों पर घेरने की कोशिश करेगी। उनके मुताबिक क्षेत्र के स्थानीय मुद्दे चुनावी बहस का हिस्सा बनेंगे।
विधायक जगसीर सिंह का विकास पर जोर
वहीं भुच्चो मंडी के मौजूदा विधायक मास्टर जगसीर सिंह का कहना है कि उनके कार्यकाल में हलके में बड़े स्तर पर विकास कार्य हुए हैं। उनका दावा है कि क्षेत्र में लगातार विकास परियोजनाएं चल रही हैं और उनके कार्यकाल में पिछली सरकारों की तुलना में अधिक काम हुआ है।
2027 में किन मुद्दों पर होगी बहस?
भुच्चो मंडी में 2027 के चुनाव को लेकर अभी अंतिम राजनीतिक तस्वीर स्पष्ट नहीं है। हालांकि स्थानीय बातचीत और नेताओं के बयानों में नशा, कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, जल निकासी और विकास से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से सामने आ रहे हैं। 2022 के नतीजों में AAP ने यहां बड़ी बढ़त हासिल की थी, जबकि SAD दूसरे और कांग्रेस तीसरे स्थान पर रही थी। अब 2027 के चुनाव से पहले उम्मीदवारों में बदलाव और स्थानीय मुद्दों के बीच इस सीट की राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रहेगी।