पंजाब में बदला मौसम का मिजाज
पंजाब में गुरुवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। मोहाली समेत प्रदेश के कई जिलों में आसमान में बादल छाए रहे। ठंडी हवाओं के चलने से लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिली। वहीं, मोगा में सुबह तेज बारिश हुई, जिससे किसानों को भी राहत महसूस हुई।
बारिश से किसानों को राहत
बिजली संकट के बीच हुई बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। धान की फसल के लिए इस समय सिंचाई की जरूरत है और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बारिश से कुछ इलाकों में सिंचाई की तत्काल जरूरत कम हुई है।
रोपड़ पावर प्लांट की दो यूनिट बंद
पंजाब में बिजली आपूर्ति को लेकर चुनौती अभी बनी हुई है। रोपड़ पावर प्लांट की दो यूनिट फिलहाल बंद हैं। हालांकि, मंगलवार को बंद हुई यूनिटों में से एक को बाद में चालू कर दिया गया था। इससे पहले बुधवार सुबह रोपड़ प्लांट की तीसरी यूनिट भी बंद हो गई थी।
तलवंडी साबो की यूनिट आधी क्षमता पर
तलवंडी साबो पावर प्लांट की 660 मेगावाट क्षमता वाली एक यूनिट फिलहाल केवल 330 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रही है। बिजली उत्पादन क्षमता प्रभावित होने का असर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आपूर्ति पर पड़ा है। बुधवार को भी कई जिलों में बिजली कटौती की स्थिति देखने को मिली।
16,679 मेगावाट तक पहुंची बिजली की मांग
बुधवार को पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग 16,679 मेगावाट दर्ज की गई। यह पिछले साल की समान तारीख की तुलना में 370 मेगावाट अधिक है। वर्ष 2025 में इसी दिन राज्य में बिजली की अधिकतम मांग 16,309 मेगावाट रही थी।
सितंबर में 17,405 मेगावाट रही सबसे ज्यादा मांग
सितंबर महीने में अब तक पंजाब में बिजली की सर्वाधिक मांग 17,405 मेगावाट दर्ज की जा चुकी है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान राज्य में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। सरकारी और निजी बिजलीघरों की कई बंद यूनिटों को दोबारा दुरुस्त कर चालू किया गया है, लेकिन रोपड़ की दो यूनिट अभी भी बंद हैं।
उद्योग और खेती पर भी असर
बिजली आपूर्ति में आई रुकावट का असर औद्योगिक गतिविधियों पर भी पड़ा है। बाधित बिजली सप्लाई के चलते कई उद्योगों में कामकाज प्रभावित हुआ। दूसरी ओर, किसानों को धान की फसल की सिंचाई के लिए भी पर्याप्त बिजली नहीं मिल पाने से दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बिजली मंत्री ने कमी से किया इनकार
पंजाब के बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि रोपड़ पावर प्लांट की दो यूनिट बंद होने के बावजूद राज्य में बिजली की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिजली की अधिकतम मांग को पूरा किया है। ऐसे में सरकार का दावा है कि उपलब्ध संसाधनों के जरिए राज्य में बिजली की मांग पूरी की जा रही है।