हरियाणा के IAS अधिकारियों को जापान-सिंगापुर में ट्रेनिंग का मौका, देशभर से चुने जाएंगे सिर्फ 2 अफसर
हरियाणा के आईएएस अधिकारियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर आया है। केंद्र सरकार की विशेष प्रशिक्षण योजना के तहत चयनित अधिकारियों को जापान और सिंगापुर में ‘सप्लाई चेन रेजिलिएंस’ विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत 25 जनवरी 2027 से प्रस्तावित है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए पूरे देश से सिर्फ दो अधिकारियों का चयन किया जाना है। हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव कार्यालय के प्रशिक्षण विभाग ने 14 सितंबर 2026 को राज्य के सभी आईएएस अधिकारियों को पत्र जारी कर पात्र अधिकारियों से आवेदन मांगे हैं।
वैश्विक सप्लाई चेन की चुनौतियों पर होगी ट्रेनिंग
इस कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आने वाली संभावित बाधाओं और जोखिमों से निपटने के लिए तैयार करना है। प्रशिक्षण के दौरान आर्थिक सुरक्षा, सप्लाई चेन में व्यवधान की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था और डिजिटल तकनीकों के प्रभावी इस्तेमाल जैसे विषयों पर जानकारी दी जाएगी। जापान और सिंगापुर के विशेषज्ञ प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे। कार्यक्रम में केस स्टडी, ग्रुप डिस्कशन और साइट विजिट जैसी गतिविधियों को भी शामिल किया गया है, ताकि अधिकारियों को विषय का व्यावहारिक अनुभव मिल सके।
जापान और सिंगापुर की साझेदारी से उठेगा खर्च
चयनित अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण से जुड़े कई खर्च जापान-सिंगापुर पार्टनरशिप प्रोग्राम और जेआईसीए की ओर से वहन किए जाएंगे। इसमें इकोनॉमी क्लास का आने-जाने का हवाई किराया, ठहरने की व्यवस्था, स्थानीय परिवहन और मेडिकल इंश्योरेंस सहित अन्य जरूरी खर्च शामिल हैं। इसके अलावा प्रशिक्षण में भाग लेने वाले अधिकारियों को प्रतिदिन 130 सिंगापुर डॉलर का दैनिक भत्ता भी दिया जाएगा।
पांच साल की सरकारी सेवा जरूरी
प्रशिक्षण के लिए आवेदन करने वाले अधिकारियों के लिए पात्रता की कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं। आवेदक के लिए सरकारी सेवा में कम से कम पांच वर्ष पूरे करना जरूरी है। इसके साथ ही आवेदन की अंतिम तारीख तक अधिकारी की उम्र 58 वर्ष से कम होनी चाहिए। आवेदन के लिए संबंधित विभाग की सिफारिश के साथ विजिलेंस क्लीयरेंस भी आवश्यक होगा। देशभर से केवल दो अधिकारियों का चयन होने के कारण इस कार्यक्रम के लिए प्राप्त आवेदनों में प्रतिस्पर्धा रहने की संभावना है।
ऑनलाइन आवेदन के साथ दस्तावेज भी जमा करने होंगे
पात्र अधिकारियों को निर्धारित वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 25 अक्टूबर 2026 रखी गई है। आवेदन के बाद अधिकारियों को इसकी प्रिंटेड कॉपी के साथ डीईए प्रोफॉर्मा, चेकलिस्ट और अन्य जरूरी दस्तावेज भी निर्धारित माध्यम से भेजने होंगे। संबंधित दस्तावेज 18 अक्टूबर 2026 से पहले वित्त मंत्रालय के उप सचिव विजय शंकर उपाध्याय के कार्यालय, कर्तव्य भवन-1, नई दिल्ली में पहुंचना जरूरी बताया गया है।
सप्लाई चेन में जोखिम और संकट प्रबंधन पर जोर
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों की ऐसी क्षमता विकसित करना है, जिससे वे वैश्विक सप्लाई चेन में अचानक पैदा होने वाली बाधाओं और उनके आर्थिक प्रभावों से निपटने की रणनीति समझ सकें। कार्यक्रम के दौरान आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े संभावित जोखिमों की पहचान, संकट के समय वैकल्पिक सप्लाई व्यवस्था, डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा होगी। जापान और सिंगापुर के विशेषज्ञ केस स्टडी और अपने अनुभवों के माध्यम से अधिकारियों को यह समझाने का प्रयास करेंगे कि वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन को अधिक मजबूत और लचीला बनाने के लिए किन उपायों पर काम किया जा सकता है।
अंतिम चयन केंद्र सरकार की प्रक्रिया से होगा
हरियाणा सरकार की ओर से पात्र आईएएस अधिकारियों से आवेदन मांगे जाने के बाद केंद्र सरकार निर्धारित प्रक्रिया के तहत अंतिम चयन करेगी। चूंकि पूरे देश से केवल दो अधिकारियों को इस प्रशिक्षण के लिए चुना जाना है, इसलिए आवेदन और चयन प्रक्रिया में पात्रता के साथ अन्य निर्धारित मानकों की भी अहम भूमिका रहेगी। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मिड से सीनियर स्तर के अधिकारियों को बदलती वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों की बेहतर समझ देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।