देहरादून: उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए धामी सरकार ने बड़ी सौगात दी है। प्रदेश कैबिनेट ने खिलाड़ियों के लिए ‘आउट ऑफ टर्न जॉब’ पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद राष्ट्रीय खेलों के 243 पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी पाने का रास्ता साफ हो गया है। खेल मंत्री रेखा आर्य ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार प्रदेश के खिलाड़ियों को खेल के साथ-साथ उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ‘आउट ऑफ टर्न जॉब’ पॉलिसी के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में आने का अवसर मिलेगा। नीति के तहत राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले पात्र खिलाड़ियों को विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्ति का अवसर दिया जाएगा। इनमें पुलिस, शिक्षा, परिवहन, खेल और युवा कल्याण समेत करीब 6 से 7 प्रमुख विभाग शामिल किए जाने की तैयारी है। खेल मंत्री के मुताबिक संबंधित विभागों की ओर से जल्द विज्ञप्ति जारी की जाएगी। इसके बाद पात्र खिलाड़ी निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि पूरी चयन और नियुक्ति प्रक्रिया को अगले एक से दो महीने के भीतर पूरा कर लिया जाए।
इस फैसले से उन खिलाड़ियों को विशेष लाभ मिलेगा, जिन्होंने राष्ट्रीय खेलों में बेहतर प्रदर्शन कर उत्तराखंड के लिए पदक हासिल किए हैं। सरकार का मानना है कि खिलाड़ियों को रोजगार की सुरक्षा मिलने से वे भविष्य में भी पूरी एकाग्रता के साथ खेलों की तैयारी कर सकेंगे। नीति की एक खास बात यह भी है कि अन्य सरकारी विभागों में नियुक्त होने वाले खिलाड़ी अगले पांच वर्षों तक खेल विभाग से संबद्ध रहेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य खिलाड़ियों को नौकरी के साथ उनकी खेल गतिविधियों से जोड़े रखना है। खेल विभाग से संबद्ध रहने के दौरान ये खिलाड़ी अपनी आगामी प्रतियोगिताओं की तैयारी जारी रख सकेंगे। इसके साथ ही वे प्रदेश के नए और उभरते खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और कोचिंग देने में भी योगदान करेंगे। सरकार के इस फैसले को उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे खिलाड़ियों को यह भरोसा मिलेगा कि खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने के बाद उनके करियर और रोजगार के लिए भी सरकार की ओर से अवसर उपलब्ध होंगे। खेल मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश में खेलों के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ाना और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। खिलाड़ियों को नौकरी के साथ खेल जारी रखने की सुविधा मिलने से प्रदेश में खेल संस्कृति को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।