गैरसैंण:- उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में सरकारी धन से तैयार किया गया अत्याधुनिक ऑडिटोरियम लंबे समय से इस्तेमाल का इंतजार कर रहा है। राजकीय इंटर कॉलेज गैरसैंण परिसर में करीब 4.37 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए इस ऑडिटोरियम का निर्माण पूरा हुए लगभग तीन साल होने जा रहे हैं, लेकिन अब तक इसका विधिवत उद्घाटन नहीं हो पाया है। ऑडिटोरियम में आधुनिक सुविधाएं और महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगाए गए हैं, लेकिन इस्तेमाल नहीं होने के कारण भवन के कई हिस्सों और उपकरणों के रखरखाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल ऑडिटोरियम के मुख्य द्वार पर ताले लगे हैं और यह भवन उद्घाटन की बाट जोह रहा है।
4 करोड़ से ज्यादा की लागत से हुआ निर्माण
गैरसैंण के महत्व को देखते हुए तत्कालीन सरकार की ओर से यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त ऑडिटोरियम बनाने की घोषणा की गई थी। इसके बाद वर्ष 2020-21 में निर्माण कार्य शुरू हुआ और वर्ष 2023 में भवन का निर्माण पूरा कर लिया गया। निर्माणदायी संस्था पेयजल निर्माण निगम, यूनिट-2 श्रीनगर की ओर से नवंबर 2023 में ऑडिटोरियम को शिक्षा विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया था। जानकारी के अनुसार, भवन निर्माण और उसमें जरूरी आधुनिक उपकरण लगाने पर कुल 4 करोड़ 37 लाख 86 हजार रुपये खर्च किए गए हैं। इसके बावजूद करीब तीन साल बीतने के बाद भी ऑडिटोरियम का नियमित उपयोग शुरू नहीं हो पाया है।
उद्घाटन नहीं होने से बंद पड़ा है ऑडिटोरियम
बताया जा रहा है कि ऑडिटोरियम का अब तक औपचारिक उद्घाटन नहीं हुआ है। इसी वजह से इसका उपयोग भी शुरू नहीं किया गया है। वहीं, स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि जब भवन और उपकरण शिक्षा विभाग को हस्तांतरित किए जा चुके हैं तो इसका उपयोग शुरू करने के लिए अब तक प्रभावी व्यवस्था क्यों नहीं बनाई गई। नगर क्षेत्र में विभिन्न सरकारी, सांस्कृतिक, सामाजिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों के लिए उपयुक्त सभागार की जरूरत लंबे समय से महसूस की जाती रही है। ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों की लागत से तैयार भवन का उपयोग नहीं होना सरकारी संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर सवाल खड़े करता है।
करीब 250 दर्शकों की क्षमता, आधुनिक सुविधाओं से लैस
यह ऑडिटोरियम करीब 250 दर्शकों की क्षमता वाला बताया जा रहा है। इसमें बालकनी के साथ दर्शकों के लिए आधुनिक पुशबैक सीटें लगाई गई हैं।
इसके अलावा ऑडिटोरियम में:
- विशाल एलईडी स्क्रीन
- पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम
- ऑडियो-वीडियो सिस्टम
- पोडियम
- मैटिंग
- महंगे पर्दे
- साउंड प्रूफ दीवारें
- अन्य आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
लेकिन इस्तेमाल नहीं होने के कारण इन उपकरणों और भवन के रखरखाव को लेकर चिंता जताई जा रही है।
बारिश में फंगस से नुकसान का खतरा
ऑडिटोरियम लंबे समय से बंद होने के कारण बरसात के मौसम में नमी और फंगस की समस्या की आशंका भी जताई जा रही है।साउंड प्रूफ दीवारों, फर्नीचर, मैटिंग, पर्दों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना बताई जा रही है। यदि लंबे समय तक भवन का इस्तेमाल और नियमित रखरखाव नहीं किया गया तो महंगे उपकरणों की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।
स्कूल के पास तकनीकी कर्मचारी नहीं
राजकीय इंटर कॉलेज गैरसैंण के प्रधानाचार्य कलम सिंह कठायत के अनुसार, ऑडिटोरियम में लगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को संचालित करने के लिए विद्यालय के पास फिलहाल कोई तकनीकी कर्मचारी उपलब्ध नहीं है। उनका कहना है कि तकनीकी व्यवस्था के अभाव में ऑडिटोरियम का नियमित संचालन नहीं किया जा रहा है। ऐसे में सवाल यह भी है कि करोड़ों रुपये की लागत से आधुनिक ऑडिटोरियम तैयार करने के बाद उसके संचालन और तकनीकी रखरखाव के लिए आवश्यक मानव संसाधन की व्यवस्था क्यों नहीं की गई।
निर्माणदायी संस्था की ओर से काम पूरा
पेयजल निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर सुनील फरस्वाण के मुताबिक, ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य पूरा करने के साथ ही सभी जरूरी उपकरण स्थापित कर दिए गए थे और नवंबर 2023 में इसे शिक्षा विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया था। उनके अनुसार निर्माणदायी संस्था के स्तर से ऑडिटोरियम को लेकर कोई कागजी कार्रवाई लंबित नहीं है।
शिक्षा विभाग ने जिला अधिकारियों को दी जानकारी
खंड शिक्षा अधिकारी एनी नाथ ने बताया कि विद्यालय से ऑडिटोरियम के संबंध में जानकारी ली गई है और इस बारे में जिला स्तरीय अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऑडिटोरियम के उपयोग को लेकर आगे जो निर्देश प्राप्त होंगे, उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने निरीक्षण कर शुरू कराने की बात कही
मामले की जानकारी सामने आने के बाद उप जिलाधिकारी गैरसैंण अबरार अहमद ने कहा कि उन्हें ऑडिटोरियम के लंबे समय से बंद होने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बातचीत कर जल्द ऑडिटोरियम का निरीक्षण कराया जाएगा और इसे शुरू कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
नगर पंचायत भी कार्यक्रमों के लिए मांग चुकी है ऑडिटोरियम
गैरसैंण नगर पंचायत के अध्यक्ष मोहन भंडारी ने कहा कि नगर पंचायत की ओर से कई बार ऑडिटोरियम को विभिन्न कार्यक्रमों के लिए उपलब्ध कराने की मांग की गई है। उनके मुताबिक, दिसंबर में आयोजित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और इंद्रमणि बड़ौनी स्मृति दिवस के कार्यक्रमों के लिए भी ऑडिटोरियम उपलब्ध कराने की मांग की गई थी, लेकिन उस समय शिक्षा विभाग की ओर से इसे उपलब्ध नहीं कराया गया। मोहन भंडारी ने बताया कि इसके बाद विधानसभा बजट सत्र के दौरान कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत को पत्र भेजकर ऑडिटोरियम का उद्घाटन जल्द कराने और इसे उपयोग के लिए उपलब्ध कराने की मांग की गई थी।
स्थानीय लोगों की मांग- जल्द हो उद्घाटन
नगर पंचायत अध्यक्ष का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार ऑडिटोरियम का लंबे समय तक बंद रहना चिंता का विषय है। भवन और उसमें लगाए गए महंगे उपकरणों का नियमित इस्तेमाल और रखरखाव जरूरी है। स्थानीय लोगों की मांग है कि ऑडिटोरियम का जल्द से जल्द उद्घाटन कराया जाए और इसे सरकारी कार्यक्रमों के साथ-साथ स्थानीय सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों के लिए भी उपयोग में लाया जाए। अब देखना होगा कि प्रशासन और शिक्षा विभाग इस मामले में कब तक ठोस कदम उठाते हैं और करीब 4.37 करोड़ रुपये की लागत से तैयार गैरसैंण का यह अत्याधुनिक ऑडिटोरियम आम लोगों के लिए कब खुलता है।