इटावा:- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इटावा में आयोजित एक जनसभा के दौरान विपक्ष पर बिना नाम लिए तीखा राजनीतिक हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने पूर्व सरकारों की कार्यशैली, भर्ती प्रक्रिया, कानून-व्यवस्था और विकास के मुद्दों को लेकर कई आरोप लगाए। मुख्यमंत्री के बयान के दौरान सभा स्थल पर मौजूद समर्थकों ने तालियों और नारों के साथ उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता अब उन नेताओं को अच्छी तरह पहचान चुकी है, जो जनता की समस्याओं से दूर रहकर केवल सत्ता का आनंद लेते थे। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ नेताओं की दिनचर्या ऐसी थी कि “12 बजे सोकर उठते थे, दो बजे तैयार होते थे, शाम पांच बजे जिम जाते थे और सात बजे महफिल जम जाती थी। ऐसे लोगों के पास जनता के लिए समय नहीं था, इसलिए जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया।”
‘चाचा-भतीजा’ पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले जब भी सरकारी नौकरियों की भर्ती निकलती थी, तब “चाचा-भतीजे की जोड़ी” सक्रिय हो जाती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं थी और कई मामलों में न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया है, जिससे योग्य युवाओं को बिना किसी भेदभाव के रोजगार मिल रहा है।
माफियाओं पर कार्रवाई का किया दावा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पहले प्रदेश में वन माफिया, भू-माफिया और शिक्षा माफिया का बोलबाला था। आम लोगों की जमीनों पर कब्जे होते थे और व्यवस्था पर माफियाओं का प्रभाव दिखाई देता था। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद ऐसे तत्वों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गई और कानून का राज स्थापित करने का प्रयास किया गया।
‘प्रदेश के सभी 75 जिले हमारे लिए समान’
योगी आदित्यनाथ ने विकास के मुद्दे पर कहा कि सरकार किसी क्षेत्र या जिले के साथ भेदभाव नहीं करती। उन्होंने कहा कि जैसे गोरखपुर, कानपुर और मथुरा का महत्व है, उसी प्रकार इटावा और मैनपुरी भी सरकार के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी 75 जिलों में समान विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से योजनाएं लागू की जा रही हैं और प्रत्येक क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
गरीब, किसान, महिला और युवा सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस कथन का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने गरीब, किसान, महिला और युवा को देश की प्रमुख प्राथमिकताएं बताया था। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक युवा को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और किसानों, महिलाओं तथा गरीबों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। इसके लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले नौकरियां योग्यता के बजाय अन्य आधारों पर दिए जाने के आरोप लगते थे, जबकि वर्तमान सरकार में भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनाई गई है। उन्होंने दावा किया कि अब योग्य अभ्यर्थियों को बिना भ्रष्टाचार और बिना किसी भेदभाव के सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं।
विकास और कानून व्यवस्था पर सरकार का जोर
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को एक विकसित राज्य बनाना है। इसके लिए आधारभूत ढांचे, निवेश, रोजगार, शिक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक क्षेत्र विकास की गति से जुड़े और हर नागरिक को योजनाओं का लाभ समान रूप से मिले।