नैनीताल घूमने आए लखनऊ के छह पर्यटकों के लिए वापसी का सफर अचानक हादसे में बदल गया। ज्योलीकोट क्षेत्र के पास पर्यटकों से भरी एक टवेरा गाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे करीब 40 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद वाहन में सवार सभी लोगों को खाई से सुरक्षित बाहर निकाला गया।
छह लोग थे वाहन में सवार
जानकारी के मुताबिक, लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र के रहने वाले छह युवक नैनीताल घूमने के लिए आए थे। इनमें सिद्धार्थ प्रताप सिंह, निखिल त्रिपाठी, आदित्य त्रिपाठी, सिद्धांत सिंह, आदर्श मिश्रा और निखिलेंद्र सिंघल शामिल थे। गुरुवार सुबह सभी लोग हल्द्वानी निवासी चालक संग्राम सिंह के साथ टवेरा वाहन से काठगोदाम की ओर लौट रहे थे।
ज्योलीकोट के पास अचानक अनियंत्रित हुई गाड़ी
बताया जा रहा है कि वाहन ज्योलीकोट नंबर एक से कुछ आगे पहुंचा था। इसी दौरान अचानक चालक का वाहन पर नियंत्रण नहीं रहा और टवेरा सड़क से नीचे खाई में जा गिरी। गाड़ी के खाई में गिरते ही अंदर सवार पर्यटकों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ को सूचना दी गई।
पुलिस और SDRF ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने खाई में उतरकर राहत और बचाव अभियान शुरू किया। काफी प्रयास के बाद सभी छह लोगों को खाई से बाहर निकाला गया। रेस्क्यू के बाद घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया।
चालक समेत दो की हालत गंभीर
पुलिस के अनुसार हादसे में वाहन चालक संग्राम सिंह और पर्यटक निखिलेंद्र सिंघल को गंभीर चोटें आई हैं। दोनों को 108 एंबुलेंस की मदद से उपचार के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी भेजा गया। वहीं, वाहन में सवार अन्य चार पर्यटकों को भी चोटें आई हैं। उनका भी उपचार कराया गया।
जांच में जुटी पुलिस
हादसे के बाद पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी में वाहन के अचानक अनियंत्रित होने की बात सामने आई है। हालांकि, दुर्घटना की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। नैनीताल घूमने आए इन पर्यटकों के लिए यह यात्रा एक डरावने हादसे में बदल गई। पर्यटन स्थल से लौटते समय हुए इस हादसे ने पहाड़ी मार्गों पर वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है।