देहरादून: उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने कृषि विभाग में सहायक कृषि अधिकारी वर्ग-1 (विकास शाखा) और सहायक कृषि अधिकारी वर्ग-3 पदों की भर्ती परीक्षा के लिए संशोधित सिलेबस जारी कर दिया है। नए पाठ्यक्रम में पारंपरिक कृषि विषयों के साथ आधुनिक तकनीक और डिजिटल कृषि पर भी विशेष जोर दिया गया है। अभ्यर्थियों को अब खेती से जुड़े पारंपरिक विषयों के अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), स्मार्ट फार्मिंग और डिजिटल एग्रीकल्चर जैसे विषयों की भी तैयारी करनी होगी।
कृषि अधिकारियों को तकनीक से जोड़ने की तैयारी
नए सिलेबस से साफ संकेत मिलता है कि कृषि क्षेत्र में तकनीकी बदलावों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। भविष्य में कृषि अधिकारियों से पारंपरिक खेती की जानकारी के साथ-साथ आधुनिक कृषि तकनीकों की समझ की भी अपेक्षा की जाएगी। स्मार्ट खेती, सेंसर आधारित कृषि, डिजिटल प्लेटफॉर्म, एआई आधारित कृषि समाधान और आधुनिक मशीनरी जैसे विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र को तकनीक आधारित और अधिक प्रभावी बनाना है।
2 घंटे की होगी भर्ती परीक्षा
UKSSSC के अनुसार सहायक कृषि अधिकारी भर्ती परीक्षा की अवधि 2 घंटे होगी। परीक्षा में कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे और प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा। परीक्षा का पाठ्यक्रम कई प्रमुख विषयों में विभाजित किया गया है। अभ्यर्थियों को कृषि विज्ञान के मूल सिद्धांतों के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी और प्रबंधन से जुड़े विषयों पर भी पकड़ मजबूत करनी होगी।
इन विषयों से पूछे जाएंगे सवाल
नए सिलेबस में कृषि से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से—
- फसलों का वैज्ञानिक उत्पादन और प्रबंधन
- जैविक और प्राकृतिक खेती
- फल, फूल और सब्जियों की बागवानी
- मशरूम उत्पादन और हाइड्रोपोनिक्स
- मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरक प्रबंधन
- रिमोट सेंसिंग और आधुनिक कृषि निगरानी
- कीट एवं रोग नियंत्रण
- मधुमक्खी पालन और रेशम उत्पादन
- मेंडल के आनुवंशिक नियम
- बीज तकनीक और पादप कोशिका से जुड़े विषय
- कृषि पोषण और आपदा प्रबंधन
- पशुपालन एवं दुग्ध प्रसंस्करण
- कृषि अर्थशास्त्र
- किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम-किसान योजना और ई-नाम
- ट्रैक्टर, पावर टिलर सहित आधुनिक कृषि उपकरण
- हरित ऊर्जा और कृषि में इसका उपयोग
- सांख्यिकी
- डिजिटल एग्रीकल्चर
- कृषि क्षेत्र में AI और रोबोटिक्स का उपयोग
जैसे विषय शामिल हैं।
AI, IoT और रोबोटिक्स पर भी देना होगा ध्यान
इस बार सिलेबस की सबसे खास बात यह है कि कृषि क्षेत्र में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को परीक्षा का हिस्सा बनाया गया है। अभ्यर्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, रोबोटिक्स और डिजिटल कृषि से जुड़े बुनियादी और व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी रखनी होगी। भविष्य में सेंसर आधारित सिंचाई, ड्रोन तकनीक, स्मार्ट मॉनिटरिंग और डेटा आधारित खेती जैसे क्षेत्रों का महत्व बढ़ रहा है। ऐसे में कृषि अधिकारियों के लिए इन तकनीकों की समझ जरूरी मानी जा रही है।
करंट अफेयर्स और नई वैज्ञानिक उपलब्धियां भी महत्वपूर्ण
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा में कृषि क्षेत्र से जुड़े नवीनतम वैज्ञानिक विकास, तकनीकी बदलाव और समसामयिक घटनाक्रम से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इसलिए अभ्यर्थियों को केवल किताबों तक सीमित तैयारी करने के बजाय कृषि क्षेत्र में हो रहे नए शोध, सरकारी योजनाओं, तकनीकी नवाचारों और वर्तमान घटनाओं पर भी नजर रखनी होगी।
अभ्यर्थियों के लिए बदली तैयारी की रणनीति
नए सिलेबस के बाद परीक्षा की तैयारी का दायरा पहले की तुलना में अधिक व्यापक हो गया है। उम्मीदवारों को कृषि विज्ञान के पारंपरिक विषयों के साथ-साथ डिजिटल तकनीक, आधुनिक मशीनरी, कृषि योजनाओं और वैज्ञानिक प्रगति को भी अपनी तैयारी में शामिल करना होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, बेहतर तैयारी के लिए अभ्यर्थियों को सिलेबस के सभी हिस्सों को बराबर महत्व देना चाहिए और कृषि क्षेत्र से जुड़े समसामयिक घटनाक्रमों को नियमित रूप से पढ़ना चाहिए।