श्रीनगर गढ़वाल:- उत्तराखंड के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के अंतर्गत संचालित हेमवती नंदन बहुगुणा (HNB) बेस चिकित्सालय को नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (NABH) की ओर से एंट्री लेवल हॉस्पिटल एक्रेडिटेशन (प्रमाणन) प्रदान किया गया है। यह उपलब्धि अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों की सुरक्षा और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप चिकित्सा व्यवस्था की पुष्टि करती है। इस प्रमाणन के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन, चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य विभाग में उत्साह का माहौल है। इसे गढ़वाल मंडल ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के सरकारी स्वास्थ्य ढांचे के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
करीब 9 महीने की तैयारी के बाद मिली सफलता
अस्पताल को NABH मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए लगभग नौ महीने तक व्यापक गुणवत्ता सुधार अभियान चलाया गया। इस पूरी प्रक्रिया का नेतृत्व डॉ. गौरी बिष्ट ने किया। अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा, उपचार प्रणाली, रिकॉर्ड प्रबंधन, संक्रमण नियंत्रण, आपातकालीन सेवाएं, स्वच्छता और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मजबूत किया गया। इसके बाद मुंबई और दिल्ली से आए तीन विशेषज्ञों की टीम ने अस्पताल का लगातार तीन दिनों तक निरीक्षण किया। इस दौरान 170 से अधिक गुणवत्ता मानकों पर अस्पताल का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। निरीक्षण के दौरान सुझाए गए सुधारों को निर्धारित समय सीमा में पूरा कर ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट किया गया, जिसके बाद अस्पताल को NABH की स्वीकृति प्रदान कर दी गई।
ई-मेल के माध्यम से मिली आधिकारिक स्वीकृति
क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) के अंतर्गत कार्यरत NABH ने अस्पताल को ई-मेल के माध्यम से एंट्री लेवल हॉस्पिटल एक्रेडिटेशन की आधिकारिक जानकारी दी है। मेडिकल कॉलेज की टीम शीघ्र ही नई दिल्ली जाकर प्रमाणन का आधिकारिक प्रमाणपत्र प्राप्त करेगी।
मरीजों को मिलेगा अधिक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार
राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने इस उपलब्धि को अस्पताल के सभी चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, तकनीकी कर्मचारियों और प्रशासनिक टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि NABH प्रमाणन मिलने से मरीजों को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और भी आसान होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल भविष्य में भी राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को बनाए रखते हुए सेवाओं में लगातार सुधार करता रहेगा।
पूरी टीम को दी गई बधाई
NABH समन्वयक डॉ. गौरी बिष्ट ने इस सफलता पर मेडिकल कॉलेज परिवार को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल एक प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति पूरी टीम की प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश रावत, सभी चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं कर्मचारियों के योगदान की सराहना की।
गढ़वाल मंडल की स्वास्थ्य सेवाओं की प्रमुख कड़ी
HNB बेस चिकित्सालय श्रीनगर को लंबे समय से गढ़वाल मंडल की लाइफलाइन माना जाता है। यहां प्रतिदिन पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, उत्तरकाशी सहित कई जनपदों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। पिछले कुछ वर्षों में अस्पताल ने आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने और ओपीडी पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने जैसे कई सुधार किए हैं। इससे दूर-दराज़ से आने वाले मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिली है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी मरीजों की सुविधाओं, आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के प्रयास जारी रहेंगे।
