लोकपर्व हरेला के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखंड में बड़े स्तर पर पर्यावरण संरक्षण अभियान शुरू करने की घोषणा की है। 16 जुलाई से 15 अगस्त तक चलने वाले ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पूरे राज्य में 6 लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान का उद्देश्य हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता पैदा करना और अधिक से अधिक लोगों को इस पहल से जोड़ना है।
हर बूथ पर होगा पौधारोपण
भाजपा ने अभियान को बूथ स्तर तक पहुंचाने की योजना बनाई है। इसके तहत राज्य के 11,729 बूथों पर कम से कम 50-50 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। पार्टी का मानना है कि जनभागीदारी के जरिए यह अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।
प्रदेशभर में बनाई गई विशेष टीम
भाजपा प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने बताया कि अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए प्रदेश, जिला और मंडल स्तर पर अलग-अलग समितियों का गठन किया गया है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की सहमति से प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र बिष्ट को अभियान का संयोजक बनाया गया है। वहीं महिला मोर्चा अध्यक्ष रुचि भट्ट, किसान मोर्चा अध्यक्ष महेंद्र सिंह नेगी और युवा मोर्चा अध्यक्ष विपुल मेंदोली को सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।
जनप्रतिनिधियों की भी रहेगी सक्रिय भागीदारी
अभियान में राज्य सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर निकाय प्रतिनिधि और पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधि भी सक्रिय रूप से भाग लेंगे। योजना के अनुसार, प्रत्येक सांसद अपने संसदीय क्षेत्र में कम से कम 10 वृक्षारोपण कार्यक्रम, जबकि विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि कम से कम 15 पौधारोपण कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे।
महेंद्र भट्ट ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कार्यकर्ताओं और आम जनता से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है तथा उत्तराखंड में मनाया जाने वाला हरेला पर्व प्रकृति के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल को हरेला पर्व से जोड़कर राज्यभर में जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण मिल सके।
पौधों की सुरक्षा पर भी रहेगा विशेष ध्यान
भाजपा ने केवल पौधे लगाने तक ही अभियान को सीमित नहीं रखा है। पार्टी की ओर से पहले ही पौधारोपण स्थलों का चयन, गड्ढों की तैयारी और पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई है। साथ ही लगाए जाने वाले प्रत्येक पौधे की सुरक्षा और नियमित देखभाल की जिम्मेदारी भी कार्यकर्ताओं को सौंपी जाएगी, ताकि पौधारोपण का उद्देश्य लंबे समय तक सफल हो सके।
