अमृतसर में छठे पातशाह श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के मीरी-पीरी दिवस को समर्पित भव्य मीरी-पीरी खालसा मार्च शुक्रवार सुबह श्री अकाल तख्त साहिब से श्रद्धा और उत्साह के साथ शुरू हुआ। मार्च की शुरुआत श्री अखंड पाठ साहिब के भोग, गुरमत समागम और अरदास के बाद हुई। इस ऐतिहासिक धार्मिक यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर गुरु साहिब के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। मार्च में श्री अकाल तख्त साहिब से जुड़े सिंह साहिबान, विभिन्न तख्तों के जत्थेदार, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी, शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल सहित कई धार्मिक और राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया और पंज प्यारों की अगुवाई में निकाली गई इस यात्रा का उद्देश्य संगत को मीरी-पीरी के सिद्धांतों, श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा और सिख धर्म के मूल्यों से जोड़ना है।
धर्म प्रचार समिति के सचिव गुरिंदर सिंह मथरेवाल ने बताया कि इस यात्रा के माध्यम से नई पीढ़ी को सिख इतिहास, गुरुओं की शिक्षाओं और शहीदों के बलिदान से परिचित कराया जा रहा है। मार्च के दौरान विशेष बस में गुरु साहिबान और शहीद सिंहों के ऐतिहासिक शस्त्रों के दर्शन कराए जा रहे हैं। साथ ही सिख इतिहास और गौरवशाली विरासत को दर्शाने वाली झांकियां और पोस्टरों से सजे वाहन भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। यह ऐतिहासिक मार्च श्री अकाल तख्त साहिब से रवाना होकर हाल गेट, भंडारी पुल, पुतलीघर, गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, छेहरटा, खासा, घरिंडा और अटारी सहित विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुरुद्वारा बीड़ बाबा बुड्ढा साहिब, ठठा पहुंचेगा। यहां रात्रि विश्राम के बाद अगले दिन यह यात्रा तरनतारन साहिब के लिए रवाना होगी। आयोजकों ने संगत से परिवार सहित बड़ी संख्या में इस धार्मिक यात्रा में शामिल होकर गुरु साहिब के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की है।