उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस ने भी चुनावी रणनीति को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अपनी पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का गठन कर दिया है। पार्टी का मानना है कि यह समिति आगामी चुनावों की रणनीति तय करने, संगठन को मजबूत करने और महत्वपूर्ण राजनीतिक फैसलों में अहम भूमिका निभाएगी। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा जारी पत्र के अनुसार, समिति में उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, प्रदेश नेतृत्व और विधायकों को शामिल किया गया है। इस नई समिति के गठन के साथ पार्टी ने साफ संकेत दिया है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव पूरी मजबूती और संगठित तरीके से लड़ने की तैयारी कर रही है।
समिति में प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुरदीप सिंह सप्पल और राष्ट्रीय सचिव काजी निजामुद्दीन को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। इन नेताओं पर चुनावी रणनीति और संगठनात्मक समन्वय की जिम्मेदारी रहेगी।
इसके अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा और मनोज यादव, वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत, प्रकाश जोशी, उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, विधायक तिलक राज बेहड़, ममता राकेश, मनोज तिवारी, विक्रम सिंह नेगी और रवि बहादुर को भी समिति में शामिल किया गया है।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री नवप्रभात, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, महेंद्र पाल सिंह और ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी को भी समिति में स्थान दिया गया है। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि अनुभवी नेताओं और सक्रिय जनप्रतिनिधियों के संयोजन से संगठन को मजबूती मिलेगी और चुनावी तैयारियों को नई दिशा मिलेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस समिति का गठन कांग्रेस की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा है। आगामी दिनों में यह समिति संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान, मुद्दों के चयन और चुनावी तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण फैसले ले सकती है। ऐसे में उत्तराखंड की राजनीति में आने वाले समय में कांग्रेस की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।