देहरादून
मदरसा बोर्ड खत्म पर शादाब शम्स का बड़ा बयान
उत्तराखंड में 1 जुलाई से मदरसा शिक्षा बोर्ड इतिहास बनने जा रहा है। इस फैसले पर वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मदरसा बोर्ड मुस्लिम समाज की प्रगति में सबसे बड़ी रुकावट था। अब मदरसे के बच्चे के एक हाथ में कुरान होगा और दूसरे में लैपटॉप।
उनका कहना है कि वक्त की मांग है कि पुरानी लीक छोड़कर आगे बढ़ा जाए। अब 452 पंजीकृत मदरसों में NCERT पाठ्यक्रम लागू होगा और विज्ञान-गणित अनिवार्य किया जाएगा। शादाब शम्स ने कहा कि
युवा मुख्यमंत्री का बहुत बहुत धन्यवाद कि उन्होंने मदरसा बोर्ड जो नासूर बन गया था, उस नासूर को साफ कर दिया है। ये नासूर मुस्लिम समाज के बच्चों के लिए बन गया था। केवल धर्म की शिक्षा देंगे, उन बच्चों को शिक्षा का अधिकार नहीं मिलेगा? हर बच्चे का अधिकार है उसको शिक्षा मिलनी चाहिए। कितना अच्छा हो कि मुस्लिम बच्चा हाफिज-ए-कुरान के साथ-साथ डॉक्टर, इंजीनियर, फिलॉसफर सब कुछ बने। अब मेरे बच्चे मोहम्मद साहब को भी समझेंगे और श्रीराम-श्रीकृष्ण, भगवान बुद्ध, गुरु नानक, डॉक्टर कलाम, बाबा साहब अंबेडकर को भी जानेंगे। ये One Nation One Education की तरफ बड़ा कदम है।