देहरादून में गोरखा समुदाय की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और लोककलाओं को करीब से जानने का अवसर मिलने जा रहा है। वीर गोरखा कल्याण समिति की ओर से गोरखा दशैं-दीपावली महोत्सव एवं राजकीय मेला 2026 का आयोजन 30 अक्टूबर से किया जाएगा। गढ़ी कैंट स्थित महिंद्रा ग्राउंड में आयोजित होने वाला यह तीन दिवसीय महोत्सव इस बार अपने दसवें संस्करण में प्रवेश कर रहा है। कार्यक्रम में उत्तराखंड और नेपाल की सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ पारंपरिक खान-पान और लोककलाओं की झलक देखने को मिलेगी।
मुख्यमंत्री धामी और नेपाल के कार्यवाहक राजदूत होंगे शामिल
वीर गोरखा कल्याण समिति के अध्यक्ष कमल थापा और समिति के अन्य सदस्यों ने उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान महोत्सव की जानकारी साझा की। आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ नेपाल के कार्यवाहक राजदूत डॉ. सुरेन्द्र थापा के शामिल होने का कार्यक्रम है। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी और प्रदीप बत्रा सहित विधायक विनोद चमोली तथा देहरादून के महापौर सौरभ थपलियाल को भी कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है।
लोकनृत्य और संगीत से सजेगी सांस्कृतिक संध्या
इस तीन दिवसीय आयोजन में उत्तराखंड और नेपाल की सांस्कृतिक विविधता देखने को मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी लोकसंस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही नेपाल के प्रसिद्ध लोकनृत्य और संगीत भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे। आयोजकों के अनुसार, महोत्सव में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। मयूर नृत्य और आकाश थापा के कार्यक्रम को लेकर भी विशेष आकर्षण रहने की उम्मीद है। इसके माध्यम से दर्शकों को अलग-अलग क्षेत्रों की लोककलाओं और सांस्कृतिक परंपराओं से रूबरू होने का मौका मिलेगा।
नेपाली व्यंजनों के साथ उत्तराखंड के पारंपरिक स्वाद का आनंद
महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा खान-पान और पारंपरिक उत्पादों से जुड़े स्टॉल भी लगाए जाएंगे। यहां आने वाले लोग नेपाली व्यंजनों में सेल रोटी, गोरखाली चटनी, फिनी, चुकानी और गुंडरुक का स्वाद ले सकेंगे। इसके साथ ही उत्तराखंड के पारंपरिक पकवान भी उपलब्ध रहेंगे। स्टॉलों के माध्यम से उत्तराखंड और नेपाल की पारंपरिक वेशभूषा, खान-पान और स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित करने की योजना है। इससे लोगों को दोनों क्षेत्रों की जीवनशैली, खान-पान और सांस्कृतिक विरासत को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
गोरखा संस्कृति को संरक्षित करना समिति का उद्देश्य
वीर गोरखा कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गोरखा समुदाय की पारंपरिक संस्कृति को संरक्षित करना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। साथ ही, विभिन्न समुदायों के बीच आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक मेलजोल को बढ़ावा देना भी आयोजन का प्रमुख लक्ष्य है। समिति की ओर से पद्मश्री से सम्मानित कुछ विशिष्ट अतिथियों को भी आमंत्रित किए जाने की जानकारी दी गई है। आयोजकों के अनुसार, चयनित अतिथियों को समिति की ओर से विशेष सम्मान भी प्रदान किया जाएगा।
दसवें संस्करण को लेकर तैयारियां तेज
गोरखा दशैं-दीपावली महोत्सव का दसवीं बार आयोजन किया जा रहा है। ऐसे में इस वर्ष के कार्यक्रम को लेकर आयोजकों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, खान-पान और विभिन्न स्टॉलों की विशेष व्यवस्था की जानकारी दी है। 30 अक्टूबर से गढ़ी कैंट के महिंद्रा ग्राउंड में शुरू होने वाला यह मेला देहरादून में रहने वाले गोरखा समुदाय के लोगों के साथ-साथ अन्य नागरिकों के लिए भी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर बनेगा।
