रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के द्वितीय केदार भगवान मध्यमहेश्वर धाम की यात्रा को फिलहाल अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। लगातार बारिश, भूस्खलन के बढ़ते खतरे, मधुगंगा नदी पर बने लकड़ी के पुल के बह जाने और ट्रॉली के माध्यम से हो रही आवाजाही को देखते हुए जिला प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए यात्रा पर अस्थायी रोक के आदेश जारी किए हैं।
भूस्खलन के खतरे के कारण लिया गया फैसला
प्रशासन के अनुसार तलसारी तोक से बनतोली तक पैदल यात्रा मार्ग पर पहाड़ी कटिंग का कार्य जारी है। लगातार हो रही बारिश के चलते कई स्थानों पर भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। संवेदनशील क्षेत्रों में यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यात्रा जारी रखना जोखिमपूर्ण माना गया।
लकड़ी का पुल बहने से बढ़ी परेशानी
कुछ समय पहले मधुगंगा नदी पर बना लकड़ी का पुल बह गया था। इसके बाद यात्रियों को नदी पार कराने के लिए ट्रॉली का इस्तेमाल किया जा रहा है। यात्रा सीजन में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से ट्रॉली पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है, जिससे लंबी कतारें और अव्यवस्था की स्थिति भी सामने आ रही है।
ट्रॉली की मरम्मत के लिए मांगा गया समय
लोक निर्माण विभाग (PWD) ने ट्रॉली के आवश्यक रखरखाव और तकनीकी परीक्षण के लिए दो से तीन दिन का समय मांगा है। विभाग का कहना है कि सुरक्षा मानकों के अनुरूप मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद ही ट्रॉली का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अगली आधिकारिक सूचना जारी होने तक मध्यमहेश्वर धाम की यात्रा पर रवाना न हों। उन्होंने कहा कि यात्रा शुरू करने से पहले जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से जारी ताजा अपडेट अवश्य देखें और सभी प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें।