देहरादून:- राजधानी के प्रमुख सरकारी अस्पताल दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शनिवार को सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से अस्पताल की व्यवस्थाओं पर असर पड़ने की स्थिति बन गई। वेतन में देरी और पिछले कई महीनों से पीएफ जमा नहीं होने का आरोप लगाते हुए सफाई कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया और इमरजेंसी के बाहर धरने पर बैठ गए।
वेतन में देरी और PF नहीं जमा होने का आरोप
शनिवार सुबह सफाई कर्मचारियों ने काम रोककर अपना विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पहले से ही अपेक्षाकृत कम वेतन दिया जाता है और इसके बावजूद भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पिछले पांच महीनों से उनका पीएफ भी जमा नहीं किया गया है। इन मांगों को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी है। इससे पहले 19 सितंबर को भी कर्मचारियों ने अस्पताल के प्राचार्य का घेराव कर अपनी समस्याएं उठाई थीं।
इमरजेंसी के बाहर धरने पर बैठे कर्मचारी
हड़ताल के बाद कर्मचारी दून अस्पताल की ओटी इमरजेंसी बिल्डिंग के बाहर धरने पर बैठ गए। सफाई कर्मचारियों के काम बंद करने से अस्पताल की नियमित व्यवस्थाओं पर असर पड़ने की बात सामने आई है। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से वेतन और पीएफ से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
वरिष्ठ चिकित्सक से भी हुई झड़प
धरने के दौरान सफाई कर्मचारियों और अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सक के बीच विवाद की स्थिति भी बन गई। कर्मचारियों के मुताबिक डॉक्टर की ओर से पुलिस बुलाने की बात कहे जाने के बाद दोनों पक्षों में झड़प हुई। मामले के बाद अस्पताल प्रशासन ने कर्मचारियों की मांगों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
प्राचार्य और मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने दिए निर्देश
अस्पताल की प्राचार्य डॉ. गीता जैन और मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. आरएस बिष्ट ने सफाई व्यवस्था से जुड़ी एजेंसी G.D. अजमेरा के सुपरवाइजरों को कर्मचारियों का वेतन समय पर उपलब्ध कराने और पीएफ की राशि तत्काल जमा कराने के निर्देश दिए हैं। अब कर्मचारियों की मांगों पर क्या कार्रवाई होती है और हड़ताल कब तक जारी रहती है, इस पर अस्पताल की व्यवस्थाओं की स्थिति निर्भर करेगी।