पठानकोट:- पंजाब में नशे के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ की शुरुआत की। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पठानकोट के माधोपुर स्थित एकता स्थल से यात्रा को हरी झंडी दिखाई। यह अभियान 13 दिनों तक चलेगा और इसके तहत चार यात्राएं राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों से होकर गुजरेंगी। यात्रा की शुरुआत से पहले श्यामा प्रसाद मुखर्जी के स्मारक के पास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें नितिन नवीन के अलावा पंजाब बीजेपी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों, सुनील जाखड़, अश्विनी शर्मा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
‘नशा मुक्त पंजाब’ को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प
कार्यक्रम में नितिन नवीन ने कहा कि वह पंजाब में एक संकल्प लेकर आए हैं और नशा मुक्ति के संदेश को घर-घर तक पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘नशा मुक्त भारत’ का अभियान शुरू करते हुए पंजाब से इसकी शुरुआत किए जाने की जरूरत पर जोर दिया था। नितिन नवीन ने पंजाब में नशे को युवाओं और राज्य के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लोगों को एकजुट करने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है।
50 पीड़ित परिवारों से मुलाकात का दावा
पंजाब बीजेपी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि नितिन नवीन ने उन करीब 50 परिवारों से मुलाकात की, जो नशे की समस्या से प्रभावित रहे हैं। ढिल्लों के मुताबिक, इन परिवारों ने नशे के कारण सामने आई परेशानियों और अपने बच्चों से जुड़े दर्द को साझा किया। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों की प्राथमिकता सरकारी मुफ्त योजनाओं के बजाय पंजाब को नशे से मुक्त देखना है।
‘पिज्जा डिलीवरी में देरी, चिट्टे की डिलीवरी में नहीं’
केवल सिंह ढिल्लों ने पंजाब में नशे की उपलब्धता को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में नशीले पदार्थों की आपूर्ति पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। ढिल्लों ने दावा किया कि पंजाब में पिज्जा की डिलीवरी में भले ही देरी हो जाए, लेकिन ‘चिट्टे’ की डिलीवरी में देरी नहीं होती। उन्होंने नशे की बिक्री की तुलना टॉफी की तरह होने से की और सरकार पर नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। ये आरोप बीजेपी नेता की ओर से लगाए गए हैं।
चार यात्राएं, 4 हजार किलोमीटर का सफर
बीजेपी की योजना के मुताबिक पंजाब में चार ‘नशा मुक्त पंजाब यात्राएं’ निकाली जा रही हैं। ये यात्राएं लगभग 4,000 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचेंगी। अभियान का समापन 30 सितंबर को जालंधर में प्रस्तावित है। पार्टी के अनुसार, यात्रा के दौरान नशे के खिलाफ जागरूकता, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे भी उठाए जाएंगे। बीजेपी ने इसे नशे के खिलाफ जनआंदोलन बनाने की पहल बताया है।