देहरादून:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर बीजेपी की ओर से आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी का दीपक जलाने का आह्वान केवल जन्मदिन कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोगों के बीच पार्टी और प्रधानमंत्री के प्रभाव को परखने का एक राजनीतिक प्रयोग था। गोदियाल ने कहा कि इस आयोजन के जरिए यह देखने की कोशिश की गई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर कितने लोग दीपक जलाकर अपनी निष्ठा व्यक्त करते हैं। उनके मुताबिक, इसका एक उद्देश्य राजनीतिक माहौल और जनता की प्रतिक्रिया को समझना भी था।
‘प्रयोग बुरी तरह विफल रहा’
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि दीप जलाने का यह प्रयोग अपेक्षा के अनुरूप सफल नहीं रहा। उन्होंने कहा कि बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व को लेकर लोगों के बीच जो प्रभाव पहले दिखाई देता था, उसमें अब कमी नजर आ रही है। गोदियाल ने कहा कि दीप जलाने के आयोजन को लेकर जनता ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, यह उनके राजनीतिक आकलन के तौर पर सामने आया है।
तेल की खपत को लेकर उठाया सवाल
गणेश गोदियाल ने दीपक जलाने के कार्यक्रम के साथ तेल की खपत को भी मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री की ओर से खाद्य तेल का कम इस्तेमाल करने की बात कही जाती है, जबकि दूसरी तरफ बड़ी संख्या में दीपक जलाने के लिए तेल के इस्तेमाल को लेकर आयोजन किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस कार्यक्रम में करीब 45 से 50 टन तेल के इस्तेमाल की होड़ रही। गोदियाल ने इसे विरोधाभासी बताते हुए कहा कि जनता इस अंतर को समझ रही है। 45-50 टन तेल के आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं मिली है, इसलिए इसे गोदियाल के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
‘व्यक्ति नहीं, नीतियों के आधार पर समर्थन करें’
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने उत्तराखंड की जनता से राजनीतिक दलों को उनके नेताओं के बजाय नीतियों और कामकाज के आधार पर समर्थन देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनता को किसी व्यक्ति विशेष को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि राजनीतिक दल की नीतियों और प्रदेश के हितों को देखते हुए अपना समर्थन तय करना चाहिए। गोदियाल ने उत्तराखंड की मौजूदा समस्याओं का समाधान राजनीतिक बदलाव को बताया। उन्होंने प्रदेश की जनता से ‘परिवर्तन’ के पक्ष को मजबूत करने और राज्य में सत्ता परिवर्तन के लिए समर्थन देने की अपील की।
बीजेपी ने ‘आशीर्वाद का दीया’ को बताया था शुभकामना का प्रतीक
वहीं, बीजेपी की ओर से ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर उनके अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना से जोड़ा गया था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 17 सितंबर को लोगों से शाम 6 से 7 बजे के बीच दीप जलाने की अपील की थी। 17 सितंबर को मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री आवास में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया और प्रधानमंत्री के स्वस्थ एवं दीर्घ जीवन की कामना की।
नोट: ‘राजनीतिक प्रयोग’, ‘प्रयोग विफल’ और ‘जनता का प्रभाव खत्म होना’ जैसे दावे गणेश गोदियाल के राजनीतिक बयान हैं, स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं।