नगर निगम चुनावों के बाद कांग्रेस को लगातार राजनीतिक झटके लग रहे हैं। कई निर्वाचित पार्षद पहले ही पार्टी छोड़कर आम आदमी पार्टी (AAP) में शामिल हो चुके हैं। इसी बीच कांग्रेस को एक और बड़ा नुकसान तब हुआ, जब वार्ड नंबर-24 से पार्षद गुरमीत सिंह मुंडिया ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर अपने फैसले की जानकारी सार्वजनिक की, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया। गुरमीत सिंह मुंडिया हाल के दिनों में जमीन से जुड़े कथित धोखाधड़ी के एक मामले में दर्ज पुलिस केस को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। ऐसे समय में उनका इस्तीफा सामने आने से राजनीतिक गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे किसी विशेष कारण का सार्वजनिक रूप से उल्लेख नहीं किया है।
साहनेवाल क्षेत्र से जुड़े गुरमीत सिंह मुंडिया के इस्तीफे के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि वह जल्द ही आम आदमी पार्टी का दामन थाम सकते हैं। हालांकि अभी तक न तो मुंडिया और न ही आम आदमी पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा की गई है। इसके बावजूद राजनीतिक विश्लेषक इसे पंजाब की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देख रहे हैं। नगर निगम में लगातार पार्षदों के इस्तीफों और दल बदल की घटनाओं ने कांग्रेस की स्थिति को कमजोर किया है। विपक्षी दल इसे कांग्रेस के घटते जनाधार का संकेत बता रहे हैं, जबकि कांग्रेस नेतृत्व इस मुद्दे पर फिलहाल खुलकर सामने नहीं आया है। अब सभी की नजर गुरमीत सिंह मुंडिया के अगले राजनीतिक फैसले पर टिकी हुई है, क्योंकि उनका अगला कदम नगर निगम की सियासत पर असर डाल सकता है।