देहरादून। राजधानी देहरादून स्थित दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की गायनी इमरजेंसी में रविवार तड़के एक गंभीर विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। इलाज के लिए लाई गई 16 वर्षीय किशोरी को लेकर उसके परिजनों और अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि कथित रूप से मारपीट की नौबत आ गई। घटना में अस्पताल की एक महिला सुरक्षा कर्मी, एक वार्ड आया और दो पुरुष सुरक्षा कर्मी घायल हुए हैं। सभी घायलों का चिकित्सकीय परीक्षण (मेडिकल) कराया गया है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मामले की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची तथा पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है।
इलाज के दौरान शुरू हुआ विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह लगभग 4 बजे एक 16 वर्षीय किशोरी को पेट दर्द और कमजोरी की शिकायत के बाद उसके परिजन दून अस्पताल की गायनी इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण और उपचार की प्रक्रिया के दौरान किसी बात को लेकर तीमारदारों और अस्पताल स्टाफ के बीच विवाद शुरू हो गया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया।
अस्पताल कर्मियों पर हमले का आरोप
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, विवाद के दौरान कथित रूप से एक महिला सुरक्षा कर्मी के सिर पर बोतल से हमला किया गया, जबकि एक वार्ड आया के साथ भी मारपीट की गई। बीच-बचाव करने पहुंचे दो अन्य सुरक्षा कर्मियों के साथ भी हाथापाई होने की बात सामने आई है। घटना में घायल चारों कर्मचारियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है।
परिजनों ने लगाए इलाज में लापरवाही के आरोप
दूसरी ओर किशोरी के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बिना आवश्यकता यूरिन प्रेग्नेंसी टेस्ट (UPT) कराया गया, रक्त जांच के लिए जरूरत से अधिक सैंपल लिए गए और इलाज के दौरान उचित जानकारी नहीं दी गई। परिजनों का आरोप है कि विरोध करने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।
अस्पताल प्रशासन का पक्ष
अस्पताल प्रशासन ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि पेट दर्द जैसी स्थिति में चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के अनुसार UPT जांच कराना सामान्य और आवश्यक प्रक्रिया का हिस्सा है। प्रशासन का कहना है कि अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार की हिंसा स्वीकार्य नहीं है और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। घटना की जानकारी मिलते ही चिकित्सा अधीक्षक (MS) डॉ. आर.एस. बिष्ट, डिप्टी एमएस डॉ. विनम्र मित्तल और प्राचार्य डॉ. गीता जैन मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए।
CCTV फुटेज और वायरल वीडियो की होगी जांच
घटना के बाद सोशल मीडिया पर इससे जुड़ा एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज की जा रही हैं। साथ ही अस्पताल परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज, वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुरूप नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
